काल भैरव मंदिर पालीताणा (गुजरात) आस्था और आध्यात्मिक संरक्षण
काल भैरव पालिताणा: आस्था, अनुशासन और आध्यात्मिक संरक्षण का प्रतीक भारत की आध्यात्मिक परंपरा अत्यंत समृद्ध और विविधतापूर्ण रही है। यहाँ प्रत्येक तीर्थ, प्रत्येक देवस्वरूप और प्रत्येक साधना के पीछे गहरा दर्शन छिपा हुआ है। गुजरात के भावनगर जिले में स्थित पालिताणा विश्वभर में जैन तीर्थ के रूप में प्रसिद्ध है, परंतु इसी पावन क्षेत्र से काल भैरव की आस्था और साधना भी जुड़ी हुई मानी जाती है। काल भैरव भगवान शिव के उग्र और जाग्रत स्वरूप हैं। उन्हें समय का स्वामी, न्याय का रक्षक और क्षेत्र का संरक्षक माना जाता है। पालिताणा जैसी तपोभूमि में काल भैरव की मान्यता आध्यात्मिक अनुशासन और आत्मसंयम से जुड़ी हुई है। काल भैरव का अर्थ और आध्यात्मिक स्वरूप ‘काल’ का अर्थ है समय और ‘भैरव’ का अर्थ है भय को नष्ट करने वाला। इस प्रकार काल भैरव वह शक्ति हैं जो समय के बंधन से मुक्त कर साधक को निर्भय बनाती है। वे केवल उग्र देवता नहीं, बल्कि जीवन में संतुलन और अनुशासन स्थापित करने वाले मार्गदर्शक भी हैं। शास्त्रों के अनुसार काल भैरव अधर्म और अराजकता के विरुद्ध खड़े रहने वाले देवता हैं। उनका वाहन क...