सुंदरबन – मैंग्रोव वनों की अनोखी दुनिया और प्रकृति का अद्भुत संतुलन
परिचय सुंदरबन विश्व का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन क्षेत्र है, जो भारत और बांग्लादेश की सीमा पर विस्तृत रूप से फैला हुआ है। यह क्षेत्र केवल एक जंगल नहीं, बल्कि एक अत्यंत जटिल और संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र है। यहाँ भूमि, नदियाँ और समुद्र आपस में मिलकर प्रकृति का एक अनोखा रूप प्रस्तुत करते हैं। सुंदरबन अपनी जैव विविधता, रहस्यमयी जलमार्गों, खारे पानी में जीवित रहने वाली वनस्पति और दुर्लभ वन्य जीवों के कारण पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। यह क्षेत्र मानव और प्रकृति के सह-अस्तित्व का जीवंत उदाहरण माना जाता है। सुंदरबन नाम की उत्पत्ति सुंदरबन नाम की उत्पत्ति को लेकर विभिन्न मत प्रचलित हैं। अधिकांश विद्वानों का मानना है कि इसका नाम "सुंदरी" नामक वृक्ष से पड़ा है, जो इस क्षेत्र में बड़ी मात्रा में पाया जाता है। यह वृक्ष मैंग्रोव वनस्पति का प्रमुख हिस्सा है और खारे पानी में भी जीवित रह सकता है। कुछ लोग सुंदरबन को "सुंदर वन" अर्थात सुंदर जंगल के रूप में भी देखते हैं। दोनों ही अर्थ इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरणीय समृद्धि को दर्शाते हैं। भौगोलिक स्थिति और...